भगवद गीता का महत्व – Motive of Bhagwad Geeta to make in Hindi

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bhagwad gita
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Bhagwad Gita का महत्व:

इस भौतिक जगत में हर व्यक्ति को किसी न किसी प्रकार कर्म में प्रवृत होना पड़ता हैं। किन्तु ये ही कर्म उसे इस जगत से बांधते या मुक्त कराते हैं। निष्काम भाव से परमेश्वर की प्रसन्नता के लिए कर्म करने से मनुष्य कर्म के नियम से छूट सकता है और आत्मा तथा परमेश्वर विषयक दिव्य ज्ञान प्राप्त कर सकता हैं।arjun ने जिस प्रकार साक्षात् lord krishna से गीता सुनी और उसका उपदेश ग्रहण किया,इस प्रकार की स्पष्ट अनुभूति का उदाहरण Bhagwad gita में ही हैं।

Bhagwad gita ka gyan:

1.

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भगवान Shri krishna ने Bhagwad gita में कहा हैं की मैं प्रत्येक जीव के हद्रय में आसीन हूँ और मुझे से ही स्मृति, ज्ञान तथा विस्मृति होती हैं। मैं ही वेदो के द्वारा जानने योग्य हूँ। निःसंदेह मैं वेदान्त का सकलनकर्ता तथा समस्त वेदों को जानने वाला हूँ।

bhagwad ka gyan

2.

सदैव मेरा चिन्तन करो, मेरे भक्त बनो, मेरी पूजा करो और मुझे नमस्कार करो। इस प्रकार तुम निश्चित रूप से मेरे पास आओगे। मैं तुम्हे वचन देता हूँ, क्योकि तुम मेरे प्रिय मित्र हो।

3.

death के समय जीव द्वारा विकसित की गयी चेतना उसे दूसरी body मे ले जाती हैं। यदि जीव ने अपनी चेतना पशु जैसी बना रखी है, तो उसे पशु का शरीर प्राप्त होना निश्चिंत हैं।

bhagwad

4.

संसार के सारे भौतिक कार्यकलाप प्रकति के तीन गुणों के अधीन सम्पन होते हैं। यधपि प्रकति के तीन गुण परमेश्वर krishna से उदभूत हैं, फिर भी भगवान krishna उनके अधीन नहीं होते हैं।

5.

Bhagwad shri krishna ने कहा है जिस प्रकार मनुष्य पुराने वस्त्रो को त्यागकऱ नये वस्त्र धारण करता है, उसी प्रकार आत्मा पुराने तथा व्यर्थ के शरीरो को त्यागकर नवीन भौतिक शरीर धारण करता हैं।

bhagwadgita ka gyan

6.

कम बुद्धि वाले व्यक्ति देवताओ से अनुगृह पाने की आशा करते हैं और ऐसी वस्तुए प्राप्त करते हैं,जो अस्थायी होती हैं और death के समय सामाप्त हो जाती हैं। वास्तव में ये सारे लाभ bhagwan द्वारा ही प्रदान किये जाते हैं।
योग मै सिद्ध योगी अपने शरीर को त्यागने के स्थान तथा समय की व्यवस्था क्र सकते हैं। अन्य मनुष्यो का इस पर कोई वश नहीं होता।

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