ऐसा मंदिर जो सिर्फ भारत के राजस्थान राज्य के भरतपुर शहर में है स्थित

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ऐसा मंदिर जो सिर्फ भारत के राजस्थान राज्य के भरतपुर शहर में है स्थित
ऐसा मंदिर जो सिर्फ भारत के राजस्थान राज्य के भरतपुर शहर में है स्थित
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लक्ष्मण मंदिर भरतपुर शहर के मध्य स्थित है। आस पास घनी आबादी होने के बावजूद इस मंदिर में प्रवेश करते ही शांति और शुकुन की अनुभूति होती है। यह मंदिर लगभग 400 साल पुराना माना जाता है। लक्ष्मण मंदिर भरतपुर का एक प्रमुख तीर्थ माना जाता है। यह भारत का एक मात्र लक्ष्मण मंदिर है।

लक्ष्मण मंदिर के निर्माण का इतिहास-

लक्ष्मण मंदिर का निर्माण महाराजा बलदेव सिंह ने 19वी शताब्दी के मध्य में करवाया था।

श्री लक्ष्मण जी भरतपुर के जाट राजवंश के कुल देवता है।

मान्यता है की कई वर्ष पहले धोलपुर पर्वत की खुदाई में राम लक्ष्मण और सीता की प्रतिमाए प्राप्त हुई।

खुदाई के समय दो-तीन प्रदेशो के राजा मोजूद थे।

राजाओ ने देवताओ को चुन कर उन्हें अपना इष्ट देव स्वीकार किया।

खुदाई के समय राजा बलदेव भी मोजूद थे।

इन्होने लक्ष्मण जी को अपना इष्ट देव स्वीकार किया और भरतपुर की और लोट चले।

भरतपुर आ कर उन्होंने लक्ष्मण जी मंदिर का निर्माण कार्य शुरू करवाया और पूजा अर्चना शुरू की।

मंदिर की सुंदरता का वर्णन-

लक्ष्मण जी का यह मंदिर अपनी सुंदर नकाशियो के लिए प्रसिद्ध है।

मंदिर का निर्माण का लिए बासी पहाड़ के पत्थर का प्रयोग किया गया है।

इस पत्थर पर फूल, पत्तियों, प्राचीन कलाओ को उकेरा गया है।

यहाँ की ये नकाशिया हमेशा से लोगो के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

विशाल परागंद वाले मंदिर की हर दिवार, छतो पर नकाशी की गई है।

मंदिर परागन में लक्ष्मण जी का साथ-साथ उर्मिला जी भरत-माधवी जी, शत्रुग्न और चित्रकुट्टी जी विराजमान है।

साथ ही लड्डू गोपाल जी और गणेश जी विरजमान है।

बीच में शेषनाग जी स्थापित है।

फनो पर फूल-पत्तियों को उकेरा गया है।

द्वारपाल के रूप में चोले वाले हनुमान जी और भेरो जी स्थापित है।

सूर्य उदय से लेकर सूर्यास्त तक पांच आरती की जाती है।

दिवाली और रामनवमी पर यहाँ झांकी निकाली जाती है।

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