हाथ की छाप एवं करपृष्ठ – Palm Reading Tutorial 2

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हाथ की छाप एवं करपृष्ठ - Palm Reading Tutorial 2
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Palm Reading Tutorial

हाथ की छाप एवं करपृष्ठ –

ह्स्तपीठ ही करपृष्ठ कहलाती है। जिसके करपृष्ठ ऊँचे उठे हुए, चिकने, सर्पाकार, फैले हुए होते हैं, नसें नहीं दिखती हैं, ऐसे व्यक्ति केन्द्रीय मंत्री, संसद सदस्य या उच्च अधिकारी होते हैं।

जिनके करपृष्ठ में रोम तथा नसें दिखाई देती हैं वे व्यक्ति निर्धन होते हैं। जिन स्त्रियों के करपृष्ठ उठे हुए, रोम-रहित, मांसल होते हैं, वे सौभाग्यशाली तथा सम्पन्न रहती हैं। जिन स्त्रियों के हाथ में अत्यधिक रोम तथा नसें स्पष्ट दिखाई देती हैं, ऐसी स्त्रियां पीटीआई-सुख से वंचित रहती हैं। जिनके करपृष्ठ पर भूरे या हल्के रंग के रोम हैं, वे मृदु स्वभाव के होते हैं, परन्तु आलसी होते हैं। यदि बाल काळा हैं तो अधिक उग्र तथा अनंगप्रिय हैं। इनमे ईर्ष्या भी अधिक होती है।

करपृष्ठ

यदि हाथ के बाल मोठे और लाल हैं तो ऐसे व्यक्ति में प्रतिरोध की भावना अधिक होती है। स्वभाव से क्रूर, प्रत्येक परिस्थिति में वासना-पूर्ति करते हैं। बाल जितने पतले एवं विरल हों, उतना ही स्वभाव से मृदु एवं सरल होगा। यदि करपृष्ठमें मोठे एवं काले बालों का झुण्ड हो तो वह हिंसक प्रवृति का होगा, ह्रदय से कठोर होगा।

यदि बाल कोमल,पतले व विरल हैं तो वह व्यक्ति सरल तथा भावना-प्रधान ह्रदय का होगा।

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हाथ की छाप –

दो हाथ एकसमान नहीं होते। हाथों पर प्रमुख रेखाएं, छोटी रेखाएं और सूक्ष्म रेखाएं होती हैं, जिन्हें हम नंगी आँखों से नहीं पढ़ सकते। हाथ के अध्ययन की सही विधी यह है की हाथ के छापे का अध्ययन करें। छापे के द्वारा सही रिकार्ड रखा जा सकता है। ऐसा करना हाथ के विस्तारपूर्वक अध्ययन और सन्दर्भों के लिय महत्वपूर्ण है। हाथों की छाप एक ही प्रकार से कागज पर कई वर्षो तक, नियमित अन्तराल के साथ लेते रहनी चाहिए। इससे हाथों की रेखाओं में होता परिवर्तन सामने आता रहेगा।

हाथ की छाप की आम तौर पर दो विधियां हैं- पहली विधि में धुएं से काला किया गया कागज है। दूसरी विधि छापे की स्याही है। छापे की स्याही का उपयोग रोलर की सहायता से किया जाता है। यह विधि स्थायी और अच्छे परिणाम देने वाली होती है। छापे साफ और स्पष्ट हों।

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जिस हाथ की छाप लेनी हो, उसे साबुन से भली प्रकार साफ़ कर लेना चाहिए। हाथ सुखा लें। अब स्याही (छापे की) कांच के टुकड़े पर या चिकने पत्थर पर रखें और उस पर रोलर घुमाएं। इस तरह स्याही समान रूप से फ़ैल जाएगी। रोलर को अंगुलियों के अग्रभाग तक, फिर अंगूठे की और, फिर पुरे हाथ पर फिराएं। कहीं कम स्याही नहीं होनी चाहिए। रोलर पर इस तरह एक समान स्याही हो जैसे कागज के छापे के समय रोलर पर होती है। स्याही लग जाने के बाद हाथ का दबाव ड्राइंग पेपर पर डालें। नीचे रबड़ की गद्दी रखें। दबाव डालकर कागज पर छाप लेने के बाद हाथ को आहिस्ता से उठाएं। एक और छाप लें। छाप दो लेने चाहिएं ताकि यदि पहले में कहीं अस्पष्ट रेखाएं हों तो दूसरे से मिला करके उसे सही रूप में देखा जा सके।

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हाथ पर लग चुकी स्याही छुड़ाने के लिए साबुन, हाथ साफ़ करने वाला द्रव्य, पट्रोल, मिट्टी का तेल काम में लाएं।

जिस काजग पर छाप लिया गया है, उसे फाइल कवर में सुरक्षित रखें और उस पर सम्बन्धित व्यक्ति का नाम, पता, तारीख अवश्य लिख लें। छापे पर व्यक्ति की जन्म-तिथि और जन्म-स्थान भी हो तो और भी अच्छा।

“हाथ की स्पष्ट छाप लेने के लिए एक सफेद कागज को तेल में डुबोकर उसे भली प्रकार सुखा कर फिर उस पर छापेखाने की स्याही के साथ ही दबा लें। इस विधि में काजग को ग्लेज्ड या कोटेड होना चाहिए। ऐसा छापा ज्यादा दिन चलता है।”

धुएं की स्याही हाथ पर लगाकर सफेद कागज पर छापा लेनी की भी विधि है।

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