जनवरी 2018 के महीने में है 7 शुभ दिन, चमक सकती है आपकी सोई हुई किस्मत

शुक्रवार को षट्तिला एकादशी है, इस दिन काले तिल का दान करने का महत्व है।

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जनवरी 2018 के महीने में है 7 शुभ दिन, चमक सकती है आपकी सोई हुई किस्मत
जनवरी 2018 के महीने में है 7 शुभ दिन, चमक सकती है आपकी सोई हुई किस्मत
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हिन्दू पंचांग के अनुसार माघ का महिना 2 जनवरी से 31 जनवरी तक रहेगा और अगर कोई व्यक्ति इस माघ के महीने में धर्म-कर्म के काम करता है तो उसे शुभ फल प्राप्त होते है। इस महीने का अंत पूर्णिमा जो की माघ नक्षत्र वाली होती है को होता है। इस लिए इसे माघ का महिना कहा जाता है। इस महीने में पवित्र नदियों में स्नान, दान पुण्य आदि करने से व्यक्ति के सारे पाप नष्ट हो जाते है और उसे शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस मैहिने की कुछ एसी विशेष तिथिय बताई गयी है जिनमे ये सारे पुण्य काम करने से किस्मत के चमकने के दरवाजे खुल जाते है।

ये तिथिय और उनमे स्नान करेने के तरीके –

सबसे पहले सुबह जल्दी उठे और काले तिलो को पीसकर तैयार कर ले उसमे सरसों का तेल मिलकर एक उबटन बना ले, अगर घर में काले तिल न हो तो जैसे भी तिल हो वो ले ले। इसको पुरे शरीर में लगा कर, पानी में थोड़ी सी हल्दी और गंगाजल डाल कर स्नान कर ले और साथ में सात पवित्र नदियों जैसे की कृष्णा, कावेरी, गंगा, जमुना, सरस्वती, गोदावरी, ब्रह्मपुत्र आदि के नाम लेते हुए स्नान करे। एसा करने से पवित्र तीर्थो में स्नान करने का पुण्य मिलता है।

ये तिथिया इस प्रकार है –

1. 12 जनवरी को यानि शुक्रवार को षट्तिला एकादशी है, इस दिन काले तिल का दान करने का महत्व है अगर आप के पास काले तिल मौजूद न हो तो आप किसी भी प्रकार के तिल जैसे की भूरे और सफेद तिल का भी दान कर सकती है।

2. मकर संक्रांति का तो आप सभी को अच्छी तरह से पता होगा, इस दिन दान करने का कितना महत्व है और स्नान करने का कितना महत्व है। इस दिन भी तिल का दान करने का महत्व है और इस दिन आप गाय की हरा चारा खिला सकते है उसका भी बहुत ज्यादा महत्व है और इस बार मकर सक्रांति कुछ जगहों पर 14 जनवरी, रविवार को और कुछ जगहों पर 15 जनवरी, सोमवार को मनाई जाएगी। ये सब पंचांग में अंतर की वजह से होता है। इस दिन तिल के व्यंजन बनाये जाते है, सुबह-सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करके दान पुण्य और पतंगबाजी की जाती है।

3. इस बार माघी अमावस्या 16 जनवरी, मंगलवार को है इस दिन पितरो का याद किया जाता है इसको पितृ अमावस्या भी कहा जाता है।

4. बसंत पंचमी इस बार 22 जनवरी, सोमवार को है और इस दिन माँ सरस्वती को केसर युक्त चावल का भोग लगाया जाता है।

5. अचला सप्तमी को सूर्य देव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है जोकि इस महीने की 24 तारीख यानि की बुधवार को है।

6. भीष्म एकादशी यानि अजा एकादशी को सूर्यास्त के बाद तुलसाजी के पास घी का दीपक जला के देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की जाती है। जो की इस बार शनिवार को मतलब 27 जनवरी को है।

7. जनवरी के अंतिम दिन यानि 31 तारीख को चन्द्र ग्रहण और पूर्णिमा भी है इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करके और अगर कोई पवित्र नदी आस पास न हो तो ताजे पानी से स्नान करते हुए 7 पवित्र नदियों (ऊपर नाम दिए गए है।) का स्मरण करे और इसके बाद दान-पुण्य करे, इस दिन काले कम्बल का दान करे।

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