Story of 11 Mysterious Temples of India – जिनका राज कोई नहीं जान पाया

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11 mysterious temples
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11 Mysterious Temples in India-कोई नहीं जान पाया अब तक इनके राज:

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प्राचीनकाल में जब temple बनाए जाते थे तो Vastu Shastra और Astronomy का ध्यान रखा जाता था। इसके अलावा राजा-महाराजा अपना खजाना छुपाकर इसके ऊपर temple बना देते थे और खजाने तक पहुंचने के लिए अलग से रास्ते बनाते थे। इसके अलावा भारत में कुछ ऐसे temples भी हैं जिनका संबंध न तो Vastu से है, न Astronomy से और न ही खजाने से इन temples का रहस्य आज तक कोई जान पाया है। ऐसे ही 11 temples के बारे में हम आपको बताने जा रहे है।

भारत में वैसे तो हजारों mysterious temples हैं लेकिन यहाँ पर हैं कुछ खास 11 famous mysterious temples की short description जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

1. Karni Mata Temple

Karni Mata Mystery:

Karni Mata का यह temple जो बीकानेर (राजस्थान) में स्थित है, बहुत ही अनोखा मंदिर है। इस Temple में रहते हैं लगभग 20 हजार काले चूहे। लाखों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु यहां अपनी wish पूरी करने आते हैं।Karni Devi, जिन्हें दुर्गा का अवतार माना जाता है, के मंदिर को ‘चूहों वाला मंदिर’ भी कहा जाता है।

Karni mata

यहां चूहों को काबा (kaba) कहते हैं और इन्हें बाकायदा भोजन कराया जाता है और इनकी सुरक्षा की जाती है। यहां इतने चूहे हैं कि आपको foot घिसटकर चलना पड़ेगा। अगर एक चूहा भी आपके पैरों के नीचे आ गया तो अपशकुन माना जाता है। कहा जाता है कि एक चूहा भी आपके पैर के ऊपर से होकर गुजर गया तो आप पर देवी की कृपा हो गई समझो और यदि आपने White Mouse देख लिया तो आपकी wish पूर्ण हुई समझो।

2. KanyaKumari Devi Temple

KanyaKumari Devi Mystery:

KanyaKumari Point को India का सबसे निचला हिस्सा माना जा है। यहाँ समुद्र तट पर ही Kumari Devi का temple है। यहाँ माँ पार्वती के कन्या रूप को पूजा जाता है। यह देश में एकमात्र ऐसी जगह है जहां मंदिर में Entry करने के लिए पुरूषों को कमर से ऊपर के कपड़े उतारने होंगे।

kanyakumari temple

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस स्थान पर देवी का विवाह संपन्न न हाे पाने के कारण बचे हुए दाल-चावन बाद में कंकड़-पत्थर बन गए। कहा जाता है इसलिए ही कन्याकुमारी के बीच या रेत में दाल और चावल के रंग-रूप वाले कंकड़ बहुत मिलते हैं। आश्चर्य भरा सवाल तो यह भी है कि ये कंकड़-पत्थर दाल या चावल के आकार जितने ही दिखाई देते हैं।

Natural beauty of KanyaKumari’s outside Area:

यदि आप मंदिर दर्शन को गए हैं तो यहां सूर्योदय और सूर्यास्त भी देखें। कन्याकुमारी अपने (Sunrise) द्रश्य के लिए काफी प्रसिद्ध है। सुबह हर विश्रामालय की छत पर टूरिस्टों की भारी भीड़ सूरज की अगवानी(welcome) के लिए जमा हो जाती है। शाम को अरब सागर में डूबते सूरज को देखना भी यादगार होता है। उत्तर की ओर करीब 2-3 किलोमीटर दूर एक Sunset point भी यहां है।

3. Meru religion spot Mount Kailash

Kailash Mansarover Mystery:

Mount Everest के उच्चतम श्रंखला में मानसरोवर में यह बहुत holly place है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यहां भगवान Shiv स्वंय विराजमान हैं। यह धरती का केंद्र है। दुनिया के सबसे ऊंचे स्थान पर स्थित Kailash Mansarover के पास ही कैलाश और आगे मेरू पर्वत स्थित हैं। यह संपूर्ण क्षेत्र Shiv और Devlok कहा गया है। रहस्य और चमत्कार से परिपूर्ण इस स्थान की महिमा वेद और पुराणों में भरी पड़ी है।

Kailash Mansarover

कैलाश पर्वत समुद्र सतह से 22,068 feet ऊंचा है तथा हिमालय के उत्तरी क्षेत्र में तिब्बत में स्थित है। चूंकि तिब्बत चीन के अधीन है अतः कैलाश चीन में आता है, जो चार धर्मों- तिब्बती धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और हिन्दू का आध्यात्मिक केंद्र है। कैलाश पर्वत की 4 दिशाओं से 4 नदियों का उद्गम हुआ है- ब्रह्मपुत्र, सिंधु, सतलुज व करनाली।

4. Shani Shingnapur Temple

Shani Shingnapur Mystery:

देश में सूर्यपुत्र Shanidev के कई Temple हैं। उन्हीं में से एक प्रमुख है महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित Shrignapur का ShaniTemple विश्वप्रसिद्ध इस Shani Temple की विशेषता यह है कि यहां स्थित Shanidev की पाषाण प्रतिमा बगैर किसी छत्र या गुंबद के खुले आसमान के नीचे एक संगमरमर के चबूतरे पर विराजित है।

Shani Shingnapur Temple
यहां Shingnapur City में भगवान शनि महाराज का खौफ इतना है कि शहर के अधिकांश घरों में खिड़की, दरवाजे और तिजोरी नहीं हैं। दरवाजों की जगह यदि लगे हैं तो केवल पर्दे। ऐसा इसलिए, क्योंकि यहां चोरी नहीं होती। कहा जाता है कि जो भी चोरी करता है उसे शनि महाराज सजा स्वयं दे देते हैं। इसके कई प्रत्यक्ष उदाहरण देखे गए हैं। शनि के प्रकोप से मुक्ति के लिए यहां पर विश्वभर से प्रति शनिवार लाखों लोग आते हैं।

5. Somnath Temple

Somnath temple Mystery:

Somnath Temple एक महत्वपूर्ण Hindu Temple है जिसकी गिनती 12 ज्योतिर्लिंगों में सर्वप्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में होती है। प्राचीनकाल में इसका शिवलिंग हवा में झूलता था, लेकिन आक्रमणकारियों ने इसे तोड़ दिया। माना जाता है कि 24 शिवलिंगों की स्थापना की गई थी उसमें सोमनाथ का शिवलिंग बीचोबीच था। इन शिवलिंगों में मक्का स्थित काबा का शिवलिंग भी शामिल है। इनमें से कुछ शिवलिंग आकाश में स्थित कर्क रेखा के नीचे आते हैं।

Somnath Shiv Temple

Gujrat के सौराष्ट्र क्षेत्र के वेरावल बंदरगाह में स्थित इस temple के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण स्वयं चन्द्रदेव ने किया था। इसका उल्लेख ऋग्वेद में भी मिलता है। इस स्थान को सबसे रहस्यमय माना जाता है। यदुवंशियों के लिए यह प्रमुख स्थान था। इस मंदिर को अब तक 17 बार नष्ट किया गया है और हर बार इसका पुनर्निर्माण किया गया।

यहीं भगवान Shri Krishna ने देहत्याग किया था। श्रीकृष्ण भालुका तीर्थ पर विश्राम कर रहे थे, तब ही शिकारी ने उनके पैर के तलुए में पद्मचिह्न को हिरण की आंख जानकर धोखे में तीर मारा था, तब ही कृष्ण ने देह त्यागकर यहीं से वैकुंठ गमन किया। इस स्थान पर बड़ा ही सुन्दर Krishna Temple बना हुआ है।

6. Kamakhya Devi Temple

Kamakhya Temple Mystery:

Kamakhya Temple को तांत्रिकों का गढ़ कहा गया है। माता के 51 शक्तिपीठों में से एक इस पीठ को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यह Asam के Guwahati में स्थित है। यहां त्रिपुरासुंदरी, मतांगी और कमला की प्रतिमा मुख्य रूप से स्थापित है। दूसरी ओर 7 अन्य रूपों की प्रतिमा अलग-अलग temples में स्थापित की गई है, जो मुख्य मंदिर को घेरे हुए है।

kamakhya temple

पौराणिक मान्यता है कि साल में एक बार अम्बूवाची पर्व के दौरान Maa Bhagwati रजस्वला होती हैं और मां भगवती की गर्बग्रह स्थित महामुद्रा (योनि-तीर्थ) से निरंतर 3 दिनों तक जल-प्रवाह के स्थान से रक्त प्रवाहित होता है। इस temple के magics और mystery के बारे में किताबें भरी पड़ी हैं। हजारों ऐसे किस्से हैं जिससे इस temple के magical और mysterious होने का पता चलता है।

7.Kailash Nath Temple of Ajnta-Ellora

Ajnta-Ellora Mystery:

Ajnta-Ellora की गुफाएं Maharashtra के Aurangabad शहर के समीप स्थित‍ हैं। ये गुफाएं बड़ी-बड़ी चट्टानों को काटकर बनाई गई हैं। 29 गुफाएं Ajnta में तथा 34 गुफाएं Ellora में हैं। इन गुफाओं को World Heritage के रूप में संरक्षित किया गया है। इन्हें राष्ट्रकूट वंश के शासकों द्वारा बनवाया गया था। इन गुफाओं के रहस्य पर आज भी शोध किया जा रहा है। यहां ऋषि-मुनि और भुक्षि गहन तपस्या और ध्यान करते थे। यहाँ एक शिव temple भी है जिसका नाम कैलाश नाथ है जो की पहाड़ की ऊची चोटी पर स्थित है।

Ajanta-Ellora Caves & Temple

सह्याद्रि की पहाड़ियों पर स्थित इन 30 गुफाओं में लगभग 5 प्रार्थना भवन और 25 बौद्ध मठ हैं। घोड़े की नाल के आकार में निर्मित ये गुफाएं अत्यंत ही प्राचीन व ऐतिहासिक महत्व की हैं। इनमें 200 ईसा पूर्व से 650 ईसा पश्चात तक के बौद्ध धर्म का चित्रण किया गया है। इन गुफाओं में हिन्दू, जैन और बौद्ध 3 धर्मों के प्रति दर्शाई गई आस्था के त्रिवेणी संगम का प्रभाव देखने को मिलता है। दक्षिण की ओर 12 गुफाएं बौद्ध धर्म (महायान संप्रदाय पर आधारित), मध्य की 17 गुफाएं हिन्दू धर्म और उत्तर की 5 गुफाएं जैन धर्म पर आधारित हैं।

8. Khajuraho Temples

Khajuraho Temples Mystery:

आखिर क्या कारण थे कि उस काल के राजा ने Sex को समर्पित temples की एक पूरी श्रृंखला बनवाई? यह रहस्य आज भी बरकरार है। Khajuraho वैसे तो भारत के मध्यप्रदेश प्रांत के छतरपुर जिले में स्थित एक छोटा-सा कस्बा है लेकिन फिर भी भारत में ताजमहल के बाद सबसे ज्यादा देखे और घूमे जाने वाले पर्यटन स्थलों में अगर कोई दूसरा नाम आता है तो वह है खजुराहो। खजुराहो भारतीय आर्य स्थापत्य और वास्तुकला की एक नायाब मिसाल है।

khajuraho temples

Chandel Rulers ने इन temples का निर्माण सन् 900 से 1130 ईसवीं के बीच करवाया था। History में इन temples का सबसे पहला जो उल्लेख मिलता है, वह अबू रिहान अल बरुनी (1022 ईसवीं) तथा अरब मुसाफिर इब्न बतूता का है। कला पारखी चंदेल राजाओं ने करीब 84 बेजोड़ व लाजवाब temples का निर्माण करवाया था, लेकिन उनमें से अभी तक सिर्फ 22 temples की ही खोज हो पाई है। ये Temple शैव, वैष्णव तथा जैन संप्रदायों से संबंधित हैं।

9. Kal Bhairav Temple – Ujjain, India

Kal Bhairav Mystery:

हालांकि इस temple के बारे में सभी जानते हैं कि यहां की Kal Bhairav की मूर्ति Alcohol drink करती है इसीलिए यहाँ temple में प्रसाद की जगह Alcohol चढ़ाई जाती है। यही Alcohol यहाँ प्रसाद के रूप में भी बांटी जाती है। कहा जाता है कि Kal Bhairav Nath इस शहर के रक्षक हैं। इस temple के बाहर साल के 12 महीने और 24 घंटे Alcohol उपलब्ध रहती है।

Kal Bhairav Temple

10. Jawala Devi Temple

Jawala Devi Mystery:

Jawala Devi का temple Himachal के कांगड़ा घाटी के दक्षिण में 30 किमी की दूरी पर स्थित है। यह Maa Sati के 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां माता की जीभ (tounge) गिरी थी। हजारों वर्षों से यहां स्थित Devi के मुख से अग्नि (fire) निकल रही है। इस Temple की खोज पांडवों ने की थी।

jwala devi temple

इस जगह का एक अन्य आकर्षण ताम्बे का पाइप भी है जिसमें से प्राकृतिक गैस का प्रवाह होता है। इस मंदिर में अलग अग्नि की अलग-अलग 9 लपटें हैं, जो अलग-अलग देवियों को समर्पित हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार यह मृत ज्वालामुखी की अग्नि हो सकती है।

हजारों साल पुराने Maa Jawala Devi के temple में जो 9 ज्वालाएं प्रज्वलित हैं, वे 9 देवियों महाकाली, महालक्ष्मी, सरस्वती, अन्नपूर्णा, चंडी, विन्ध्यवासिनी, हिंगलाज भवानी, अम्बिका और अंजना देवी की ही स्वरूप हैं। कहते हैं कि सतयुग में महाकाली के परम भक्त राजा भूमिचंद ने स्वप्न से प्रेरित होकर यह भव्य मंदिर बनवाया था। जो भी सच्चे मन से इस रहस्यमयी मंदिर के दर्शन के लिए आया है उसकी सारी wish पूरी हो जाती हैं।

11. Kaathgarh Mahadev Temple

Kaathgarh Mahadev Mystery:

Himachal Pradesh की भूमि को देवभूमि कहा जाता है। यहां पर बहुत से आस्था के केंद्र विद्यमान हैं। Himachal pradesh के Kangda जिले के Indore उपमंडल में Kaathgarh Mahadev का temple स्थित है। यह विश्व का एकमात्र temple है जहां शिवलिंग ऐसे स्वरुप में विद्यमान हैं जो दो भागों में बंटे हुए हैं अर्थात मां पार्वती और भगवान शिव के दो विभिन्न रूपों को ग्रहों और नक्षत्रों के परिवर्तित होने के अनुसार इनके दोनों भागों के मध्य का अंतर घटता-बढ़ता रहता है। ग्रीष्म ऋतु में यह स्वरूप दो भागों में बंट जाता है और शीत ऋतु में पुन: एक रूप धारण कर लेता है।

Kaathgarh Mahadev Temple

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